Vikalp Pathshala completed one year
Vikalp Pathshala completed one year

कोरोना महामारी के कारण स्कूल और कॉलेज बंद थे। और यही वजह है कि कुछ संस्थाओं ने बच्चों को पढ़ाने के लिए विकल्प रास्ता निकाला। कहावत है ना चाह है तो राह है। मैनागुड़ी आलो अभीजाती और वूमेन एंपावरमेंट के सहयोग से तारघेरा में बच्चों के लिए 1 साल पहले विकल्प पाठशाला शुरु की गई थी। रत्ना राय, निवास सिंह, भारतीय चौधरी जैसे स्वयंसेवी लोगों ने गांव के छात्र और छात्राओं को हर तरह से मदद देते हुए उनके पढ़ाई को जारी रखा। आज इस विकल्प पाठशाला को 1 साल पूरा हो गया है। विकल्प पाठशाला के वजह से तारघेरा वन विभाग इलाके में छात्र और छात्राओं को पढ़ाई का बहुत नुकसान नहीं हुआ है। स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों ने हफ्ते में 3 दिन इस विकल्प पाठशाला को चलाने का बीड़ा उठाया था।और निश्चित रूप से यह एक अनोखा प्रयास था।एक साल पूरे होने पर संस्था की ओर से छात्र और छात्राओं को लेकर का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अभिभावकों, शिक्षकों और गांव के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

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