Seeing the children, the eyes of the teacher and the teacher filled with tears.
Seeing the children, the eyes of the teacher and the teacher filled with tears.

महामारी के वजह से पिछले 2 सालों से स्कूली बच्चे अपने साथियों के साथ नहीं मिल पा रहे थे। इसका गम कहीं न कहीं उन्हें काफी विचलित भी कर रहा था। स्कूल में अपने यार दोस्तों के साथ समय बिताना जिंदगी का सबसे खुशनुमा पल होता है। कोरोना महामारी ने हर किसी को एक दूसरे से दूर कर दिया था। 2 सालों से स्कूल कॉलेज सब कुछ बंद पड़े थे। सरकार बच्चों की जिंदगी को जोखिम में नहीं डालना चाहती थी। और यही वजह के मजबूरन सरकार को बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूलों को बंद करना पड़ा। अब जब राज्य में कोरोना के मामले काफी कम हो गए हैं, तो राज्य सरकार ने राज्य में प्राइमरी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने का निर्देश दिया। आज प्राइमरी स्कूल के खुल जाने से बच्चों के अंदर खुशी देखते ही बन रही थी। ऐसा लग रहा था मानो बच्चे वनवास से वापस आए हैं ।प्राइमरी स्कूल के खुलने से कई स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं के आंखों में आंसू भी देखे गए। क्योंकि लंबे अरसे के बाद अपने विद्यार्थियों को देख रहे थे। आज कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम देखी गई। स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं ने कहा कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here