Is it real or fake, how to identify the vaccine
Is it real or fake, how to identify the vaccine

भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है. लेकिन इस बीच महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और भी कई जगह नकली कोरोना वैक्सीन लगाने के मामले भी सामने आए है। ऐसे मामलों पर नकेल कसने के लिए सरकार प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी जागरूक कर रही है। हम आपको बता दे, भारत में लगाए जा रहे कोविशील्ड, कोवैक्सिन और Sputnic V के कोरोना टीके की पहचान कैसे की जाए, इसको लेकर सरकार ने गाइडलाइंस जारी की दी है। आम लोग भले ही कोरोना टीके के असली-नकली होने का पता जल्दी से ना लगा सकें, लेकिन टीका उपलब्ध कराने का काम देख रहे प्रशासन के लोगों को ताजा गाइडलाइंस से जरूर मदद मिलेगी. तो हम आपको बता दे,कोविशील्ड की पहचान आप -सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का लेबल, SII लेबल का रंग देखकर लगा सकते है।उसका रंग गहरा हरा होगा। साथ ही गहरे हरे रंग की almunium flip off सील होगी -ब्रैंड का नाम COVISHIELD ट्रेड मार्क के साथ लिखा होगा। वहीं जेनेरिक नाम का text font बोल्ड अक्षरों में नहीं होगा CGS NOT FOR SALE प्रिंट होगा जिससे आप समझ सकते हैं कौन सी Covishield वैक्सीन असली है और कौन सी नकली। वहीं अगर हम बात करे Co Vaccine की पहचान की तो, लेबल पर ना दिखने वाले यानी की अदृश्य UV holics होगा, जो कि सिर्फ UV lights में ही दिखेगा। COVAXIN का ‘X’ दो रंगों में होगा. इसे ग्रीन foil इफेक्ट कहते हैं। और अब Sputnic V टीके को पहचानने की बात करे तो, Sputnic V को रूस के दो अलग-अलग प्लांट से आयात किया जा रहा है, इसलिए इसके लेबल अलग-अलग मिलेंगे। लेबल पर दी जानकारी और डिजाइन तो एक जैसा होगा, बस प्लांट का नाम अलग-अलग होगा. -अबतक जो sputnic V आयात हुई हैं, वे 5 शीशियों वाले गत्ते के पैक में आती हैं. इनके गत्ते पर english में नाम लिखा होता है. जी हां तो अभी हम आपको असली और नकली वैक्सीन में कैसे फर्क जाने उसकी जानकारी दे रहे थे तो जो की भारत सरकार के द्वारा जारी की गई है। तो हम आशा करते हैं इस जानकारी के बाद आप सतर्कता के साथ वैक्सीन लेंगे और स्वस्थ्य रहेंगे।

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