Grand celebration of Lakshmi Puja in the village

इस गांव में लक्ष्मी किसी घर के लक्ष्मी नहीं है, बल्कि पूरे गांव की देवी मानी जाती है। आज से 40 साल पहले इलाके के किसान नरेश चंद्र बर्मन जब अपना खेत जोत रहे थे तो अचानक खेत के अंदर से एक पत्थर की मूर्ति निकली। जिसमें लक्ष्मी और विष्णु की मूर्ति बनी हुई थी। उसके बाद से ही इस गांव के लोग हर साल धूमधाम से लक्ष्मी पूजा का आयोजन करते हैं। दुर्गा पूजा के दशमी से ही पूर्व भंडार गांव में लक्ष्मी पूजा का आयोजन शुरू हो जाता है। दुर्गा पूजा के दशमी के दिन से ही गांव के लोग शाकाहारी खाना शुरु कर देते हैं। इस लक्ष्मी की मूर्ति को गांव के लोग अपनी कुलदेवी मानते हैं। आज से 40 साल पहले खेत जोतने के दौरान जब इस मूर्ति के निकलने की खबर फैली तो हजारों की संख्या में लोग कालियागंज के भंडार पंचायत के पूर्व भंडार गांव पहुंच गए थे। खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस के लोग भी पहुंच गए थे। जब प्रशासन और पुलिस के लोग खेत से निकली मूर्ति को ले जाने लगे तो गांव के लोगों ने मूर्ति को ले जाने नहीं दिया ।और उसके बाद से ही इस मूर्ति की पूजा इस गांव में होती आई है। पूरा साल गांव के लोग बहुत ही विधि-विधान और निष्ठा के साथ दोनों वक्त लक्ष्मी की पूजा करते हैं। लेकिन लक्ष्मी पूजा के मौके पर यहां पर भव्य आयोजन किया जाता है। इस मौके पर मेला भी लगा लगता है। इन दिनों तक गांव में बाउल उत्सव भी मनाया जाता है।

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