Chuijhal production will start now
Chuijhal production will start now

चूईझाल नाम के साथ अधिकांश लोग परिचित नहीं है। लेकिन बांग्लादेश और म्यानमार में चूईझाल लोगों के जिंदगी का एक हिस्सा है रवींद्रनाथ भी चूईझाल अपने खाने में शामिल किया करते थे। बांग्लादेश के बड़े-बड़े रेस्टोरेंट में चूईझाल से बने खाने को हर कोई पसंद करता है। अविनाश जिला के कृषि विभाग ने मिर्च और गोल मिर्च के साथ ही साथ चूईझाल की खेती करने का मन बना लिया है और इसे लेकर दक्षिण दिनाजपुर जिले के हिली ब्लॉक में कृषि विभाग ने काम भी शुरू कर दिया है। चूईझाल‌ मसाले से बने मांस की पूरे विश्व में जबरदस्त मांग है 4000 प्रति किलो की दर से चूईझाल बाजार में बिकता है। चूईझाल की खेती करना भी बहुत ज्यादा कठिन नहीं है। बहुत जल्द ही इसका पौधे लता की तरह बढ़ने लगते हैं। चूईझाल के सेवन से गैस्टिक कुष्ठ रोग जैसी बीमारियां भी ठीक होती है। यहां तक कि पेट से संबंधित और मानसिक बीमारियों में भी चूईझाल काफी फायदा करता है। दक्षिण दिनाजपुर कृषि विभाग ने चूईझाल के उत्पादन को लेकर अपनी सारी तैयारियां पूरी कर ली है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here